NEET पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 1563 स्टूडेंट्स को दोबारा देना होगा एग्जाम


सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: 1563 छात्रों को NEET परीक्षा देनी होगी दोबारा

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2023 के संबंध में एक बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें 1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का आदेश दिया गया है। यह फैसला परीक्षा के दौरान हुई तकनीकी खामियों और अन्य अनियमितताओं के चलते लिया गया है।

परीक्षा के दौरान कई छात्रों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसके कारण वे सही तरीके से परीक्षा नहीं दे पाए थे। इसके चलते छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शिक्षा का अधिकार सभी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है और उन्हें किसी भी प्रकार की अनियमितता का शिकार नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल उन छात्रों के लिए है जो तकनीकी समस्याओं के कारण प्रभावित हुए थे।

इस आदेश के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को जल्द ही नई परीक्षा की तिथि घोषित करनी होगी। NTA को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि दोबारा होने वाली परीक्षा में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो और परीक्षा का संचालन सुचारू रूप से हो सके।


छात्रों और उनके अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह न्यायपूर्ण निर्णय है जो छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा। कई छात्रों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार परीक्षा में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी और वे अपनी मेहनत का सही परिणाम पा सकेंगे।

वहीं, कुछ छात्रों ने कहा कि दोबारा परीक्षा देने से उनका मानसिक तनाव बढ़ सकता है, लेकिन वे इसके लिए तैयार हैं क्योंकि उन्हें अब निष्पक्ष परीक्षा की उम्मीद है। परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खामियों के कारण कई छात्रों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते वे ठीक से परीक्षा नहीं दे पाए थे।

शिक्षाविदों ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की तारीफ की है। उनका मानना है कि यह फैसला शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षा संस्थानों को और अधिक सतर्क रहना चाहिए और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करना चाहिए।

एनटीए के अधिकारियों ने बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए तैयार हैं और जल्द ही नई परीक्षा की तिथि की घोषणा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार परीक्षा में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से उन छात्रों को बड़ी राहत मिली है जो तकनीकी खामियों के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। अब वे दोबारा परीक्षा देकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। 

इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायपालिका छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है और शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उम्मीद है, जो उनके भविष्य को संवारने में सहायक सिद्ध होगी।

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