NEET UG Result 2024 Updates: NEET पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 1563 स्टूडेंट्स को दोबारा देना होगा एग्जाम

सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG 2024 के परिणामों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें 1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का निर्देश दिया गया है। यह निर्णय उन तकनीकी खामियों और अन्य अनियमितताओं के चलते लिया गया है, जिनका सामना इन छात्रों ने परीक्षा के दौरान किया था। अदालत ने माना कि परीक्षा के समय हुई तकनीकी समस्याओं ने कई छात्रों को उनके प्रदर्शन में बाधा पहुंचाई, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा का अधिकार सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या प्रबंधन की लापरवाही छात्रों के अधिकारों का हनन है। इस आदेश के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द नई परीक्षा तिथि की घोषणा करें और यह सुनिश्चित करें कि पुनः आयोजित की जाने वाली परीक्षा में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो।

छात्रों और उनके अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह निर्णय छात्रों के हित में है और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कई छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान हुई तकनीकी खामियों के कारण उन्हें काफी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा था, और इस फैसले से उन्हें राहत महसूस हो रही है। शिक्षाविदों का भी मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की भावना को मजबूत करेगा। अब सभी की निगाहें NTA पर हैं, जो सुनिश्चित करेगी कि अगली परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से आयोजित हो, जिससे छात्रों को उनके सपनों को साकार करने का एक और मौका मिल सके।

NTA की तरफ से कहा गया कि छात्रों का डर दूर करने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है. नीट यूजी 2024 की परीक्षा में जिन उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स मिले हैं, उन्हें फिर से परीक्षा दोनी होगी. इस परीक्षा का रिजल्ट 23 जून को जारी किया जाएगा. इसके बाद ही काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

याचिकाकर्ताओं ने काउंसलिंग पर रोक लगाने की भी मांग की है. संक्षेप में कहा जाए तो कोर्ट तीन याचिकाओं पर विचार कर रहा है, जिसमें अनियमितताओं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 1500 से अधिक उम्मीदवारों को “लॉस ऑफ टाइम” के आधार पर परीक्षा में ग्रेस मार्किंग देने के संबंध में संदेह जताने के लिए नीट यूजी 2024 के रिजल्टों को चुनौती दी गई है।

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इनमें से एक याचिका फिजिक्स वाला के सीईओ अलख पांडे ने दायर की थी. दायर की गई याचिका में दावा किया था कि एनटीए का ग्रेस मार्क्स देने का फैसला “मनमाना” था. कथित तौर पर पांडे ने लगभग 20,000 छात्रों से प्रतिनिधित्व एकत्र किया, जिसमें दिखाया गया कि कम से कम 1,500 छात्रों को लगभग 70-80 अंक ग्रेस मार्क्स के रूप में दिए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी परीक्षा को लेकर दूसरी याचिका एसआईओ के सदस्य अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन ने दायर की थी. दायर की गई इस याचिका में नीट-यूजी 2024 के रिजल्टों को वापस लेने और नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ताओं ने ग्रेस मार्क्स देने में मनमानी का आरोप लगाया गया है. इसमें बताया गया कि 720 में से 718 और 719 अंक (कई छात्रों द्वारा प्राप्त) “स्टैटिकली रूप से असंभव” थे।

इसके अलावा यह भी दावा किया गया कि एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स देना कुछ छात्रों को “लॉस ऑफ टाइम” की भरपाई के बजाय “पिछले दरवाजे से प्रवेश” देने की एक दुर्भावनापूर्ण कवायद थी. याचिकाकर्ताओं ने इस तथ्य के बारे में भी संदेह जताया कि एक स्पेशल सेंटर से 67 छात्रों ने 720 अंकों में से 720 अंक प्राप्त किए हैं।

दायर की गई दूसरी याचिका में याचिकाकर्ताओं ने पेपर लीक के आरोपों की जांच पूरी होने तक NEET-UG 2024 प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली काउंसलिंग पर रोक लगाने की भी मांग की है. उन्होंने परीक्षा के ऑपरेशन में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की भी मांग की थी।

नीट यूजी को लेकर तीसरी याचिका नीट उम्मीदवार जरीपिति कार्तिक ने दायर की थी। इसमें परीक्षा के दौरान कथित रूप से लॉस ऑफ टाइम के लिए मुआवजे के रूप में ग्रेस मार्क्स दिए जाने को चुनौती दी गई थी।

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