BEd Form Seats: BEd करके नहीं मिल रही नौकरी, जितनी सीटें है, उतने आवेदन भी नहीं आए


BEd Form Seats: बीएड के बाद सरकारी नौकरी नहीं मिलने का डर ऐसा है कि लोगों ने इस कोर्स के लिए आवेदन करना कम कर दिया है बीएड कोर्स के लिए जितनी सीटें हैं उतने आवेदन भी नहीं आए हैं।

देश में बेरोजगारी की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है, खासकर बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) धारकों के लिए। वर्तमान में बीएड की सीटों की संख्या जितनी अधिक है, उतने आवेदन भी नहीं आ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र में भी नौकरी के अवसर सीमित हो गए हैं। कई छात्र इस मुद्दे को लेकर परेशान हैं और उचित समाधान की मांग कर रहे हैं।

राजस्थान के कोटा स्थित जेडीबी आर्ट्स कॉलेज की छात्राएं भी इसी प्रकार की समस्याओं का सामना कर रही हैं। म्यूजिक की डिग्री में विसंगतियों के कारण उन्हें सरकारी नौकरियों में शामिल नहीं किया जा रहा है। इस समस्या के चलते छात्राओं ने पिछले दो दिनों से धरना दे रखा है और सरकार एवं कॉलेज प्रशासन से उचित समाधान की मांग कर रही हैं

देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट ने बेरोजगारी की समस्या को और भी विकट बना दिया है। बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने भी हाल ही में इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी। वर्तमान स्थिति में महंगाई और बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जो कि युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय है

BEd Form Seats

BEd Form Seats

बीएड करने के बाद सरकारी नौकरी की उम्मीद कम होने से युवाओं का इस कोर्स के लिए मोह भंग होना नजर आ रहा है बीएड में एडमिशन के लिए इस वर्ष केवल 2.23 लाख आवेदन आए हैं जबकि सीटों की संख्या 2.45 लाख है यानी सीटों की संख्या से भी काम आवेदन आए हैं जबकि पिछले साल की बात करें तो कुल सीटों की तुलना में दो गुना आवेदन आए थे और इससे पहले तीन गुना तक आवेदन आते थे।

यूपी बीएड के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 फरवरी से 30 अप्रैल 2024 तक आमंत्रित किए गए हैं जबकि आवेदन शुल्क जमा करवाने की अंतिम तिथि 7 मई तक निर्धारित की गई थी इसके लिए एग्जाम 9 जून 2024 को आयोजित किया जाएगा जबकि एडमिट कार्ड 30 मई को जारी कर दिए जाएंगे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 9 जून को प्रदेश के 51 जिलों में लगभग 470 केंद्रों पर आयोजित होगी।

यदि पिछले दो दशकों की बात करें तो यूपी में BEd की पढ़ाई का क्रेज काफी तेजी से बढा़ और नए-नए कॉलेज भी खोले गए वर्तमान समय में यूपी में 2500 से ज्यादा बेड कॉलेज हैं और इनमें लगभग 2.45 लाख सीटे हैं इतनी ज्यादा सीटों के बावजूद भी पहले तीन गुना तक आवेदन आते थे लेकिन इस बार तो सीटों के बराबर भी आवेदन नहीं आए हैं ऐसे में बीएड कॉलेज प्रबंधन परेशान है कि 20 से 25 प्रतिशत सीटें भी भर पाएंगे या नहीं।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय त्रिवेदी कहते हैं की स्थिति बहुत खराब है नौकरी की उम्मीद नहीं होना ही इसकी बड़ी वजह है स्थिति में तभी सुधार हो सकता है जब हाई स्कूल और इंटर कॉलेज में समय पर भर्तियां हो, इसके अलावा निजी स्कूलों में भी शिक्षक बनने के लिए बीएड की अनिवार्यता को शक्ति से लागू करना चाहिए।

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